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गीतमाला

गीत-                (1)                ज़िंदगी एक समंदर के जैसी ,                         इसमें तूफ़ान आते रहेंगे । हौसलो की तू पतवार रखना ,                    वरना गम ये डुबाते रहेंगे ।। आँसुओं का रहा काम बहना ,      दिल का है काम हर गम को सहना । हर अधेंरे को मैं चीरती हूँ ,      एक उजली किरण का है कहना ।। कर तू उम्मीद का दीप रोशन ,              वरना दुख ये सताते रहेंगे । ज़िंदगी इक समंदर.................... व़क्त रहता नही एक सा है ,          बात इतनी सभी जानते हो । मौत का व़क्त रहता मुक़र्रर ,      रार जीवन से क्यों ठानते हो ।। जो मिला है उसी जी ख़ुशी से ,           लोग दिल तो दुखाते रहेंगे । ज़िंदगी इक समंदर.................. पत्थरों के शहर में भी देखो ,     ...